गुरु …….



जिसके बल पर हम सफ़ल हुए, वो सब ज्ञान गुरु का है.
है ईश्वर से भी बढ़्कर जो, वो सम्मान गुरु का है.
सच का साथ नही देता और झूठ की राह जो चलता है,
मेरा शिष्य नही होगा , ये अभिमान गुरु का है.
जीवन मे सफ़लता पा करके, जब शिष्य उन्हे न याद करे,
फ़िर भी उसे अच्छा ही कहे, वो ईमान गुरु का है.

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About the Author: This post is written by Abhijit


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